Home > राष्ट्रीय > बंगाल हिंसा पर रुबिका लियाक़त ने कहा- “सरे बाजार महिलाओं के साथ ऐसा वेहशी सलूक? ममता जी इसे आपकी जीत नहीं हार कहूँगी..

बंगाल हिंसा पर रुबिका लियाक़त ने कहा- “सरे बाजार महिलाओं के साथ ऐसा वेहशी सलूक? ममता जी इसे आपकी जीत नहीं हार कहूँगी..

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसाओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। चुनाव के नतीजे आने के दौरान ही आरामबाग में बीजेपी कार्यालय को अज्ञात बदमाशों ने आग के हवाले कर दिया। इडके साथ ही कोलकाता में बेलियाघाटा के काकुरगाछी में एक बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई।

चुनाव नतीजों के दूसरे दिन यानी 3 मई को बंगाल के विभिन्न हिस्सो से हिंसक वारदातों और BJP कार्यकर्ताओ की हत्या की खैर आती रही। रविवार शाम से सोमवार रात तक विभिन्न हिस्सों में हिंसा की घटनाएं घटी हैं। इन घटनाओं में 11 लोगों के मारे जाने की खबर है। भाजपा का आरोप है कि इनमें नौ उसके कार्यकर्ता हैं। शिवपुर-हावड़ा में भाजपा समर्थक की दुकान में दिन-दहाड़े लूट का मामला भी प्रकाश में आया है। कोलकाता के बांगुड़ एवेन्यू, बड़ाबाजार, बेलाघाटा में तृणमूल समर्थकों ने जीत के बाद दबंगई दिखाई। सभी घटनाओं में आरोप तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगा है।

बंगाल हिंसा पर बंगाल भाजपा के प्रभारी और वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस के गुंडे भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले कर रहे हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता ममता बनर्जी की ओर से प्रायोजित हिंसा के पीड़ित हैं और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा मंगलवार को पश्चिम बंगाल का दौरा कर सकते हैं। इसके साथ ही विजयवर्गीय ने कहा कि बंगाल चुनाव के नतीजे भाजपा के लिए झटका नहीं हैं क्योंकि हमें अभूतपूर्व लाभ मिला है, तृणमूल कांग्रेस की सहायता करने के लिए वाम-कांग्रेस ने चुनाव मैदान छोड़ा।

विजयवर्गीय ने कहा कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की जीत के बाद यहां हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल की जीत के बाद से करीब 700 गांवों में हिंसा हुई है, महिलाओं से दुष्कर्म की घटनाएं हुई हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीरभूम में भाजपा की दो महिला कार्यकर्ताओं से दुष्कर्म किया गया। उन्होंने कहा कि एक विशेष वर्ग के लोगों ने पूरे राज्य में अराजकता का माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति को भारत और पाकिस्तान बंटवारे के समय रही होगी।

कैलाश विजयवर्गीय के एक ट्वीट को शेयर कर पत्रकार रुबिका लियाक़त ने ममता बनर्जी को आइना दिखाया। रुबिका ने लिखा, “कोरोना की लड़ाई में जब तक चीजें दुरुस्त नहीं हो जाती ख़ुद से वादा किया था कि ट्वीट सिर्फ लोगों की मदद के लिए करूँगी.. लेकिन इन तस्वीरों ने झकझोर दिया.. मदद इनको भी चाहिए.. बंगाल में सरे बाज़ार महिलाओं के साथ ऐसा वेहशी सलूक? ममता जी इसे आपकी जीत नहीं हार कहूँगी ममता बनर्जी”

बंगाल में हिंसा की घटनाओं पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्रालय ने कहा कि सरकार विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं पर हुए हमले की पूरी जानकारी दे। इधर बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने गंभीरता से लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को सोमवार को समन किया है। इसके साथ ही उन्होंने गृह सचिव से भी रिपोर्ट मांगी है। धनखड़ ने बंगाल के गृह मंत्रालय, बंगाल पुलिस और ममता बनर्जी से शीघ्र कार्रवाई के लिए कहा है।