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सपा-बसपा के गठबंधन पर बोले पत्रकार अनुराग मुस्कान- मायावती ने आज समाजवादी पार्टी से गेस्ट हाउस कांड का बदला ले लिया है..

लखनऊ, 12 जनवरी: लखनऊ के ताज होटल में आज बसपा प्रमुख मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संयुक्त प्रेस-कांफ्रेंस करके आगामी 2019 लोकसभा में मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने का एलान किया है!

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डर के आगे गेस्ट हाउस काण्ड भी बेअसर हो गया, जिसे सोंचकर बसपा प्रमुख मायावती आज भी थर्रा उठती होंगी. प्रेस-कांफ्रेंस करते हुए मायावती ने आज भी उस गेस्ट हाउस काण्ड का जिक्र किया, गेस्ट हाउस काण्ड का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा – आज से 25 साल पहले भी सपा-बसपा के एक होने की कोशिशें हुई थीं। जिसका अंत गेस्ट हाउस कांड की घटना के रूप में हुआ। लेकिन देश व समाज के हित को देखते हुए हमने उस घटना को पीछे छोड़ दिया है!

क्या था गेस्ट हाउस कांड
1993 में सपा बसपा गठबंधन के बाद मुलायम सिंह यूपी के मुख्यमंत्री बने, मगर जून 1995 में तालमेल सही न बैठ पाने पर बसपा ने गठबंधन तोड़ने की घोषणा कर दी, जिसके बाद मुलायम सिंह अल्पमत हो गए!

सरकार बचाने के लिए सपाई आपा खो बैठे, समर्थन वापसी से भड़के सपा कार्यकर्ता लखनऊ के मीराबाई गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां कमरा नंबर 1 में मायावती रुकी हुई थीं, सपा कार्यकर्ताओं ने कमरे को घेर लिया और हथियारों से लैस लोगों ने मायावती को गंदी गालियों समेत जाति सूचक शब्द कहे!

अखिलेश यादव और मायावती के इस राजनितिक गठबंधन पर हर की अपना राय रख रहा है, इसी कड़ी में ABP न्यूज़ के पत्रकार अनुराग मुस्कान ने भी एक के बाद एक कई ट्वीट किये और उन्होंने इस गठबंधन के पीछे की वास्तविकता वयान करने की कोशिश की! अनुराग ने लिखा है- बीएसपी का नारा- पहले- ‘चढ़ गुंडन की छाती पर, मुहर लगेगी हाथी पर’. अब- ‘चढ़ साईकिल की सीट पर, बैठ जा हाथी की पीठ पर’.”

उसके बाद उन्होंने एक दूसरी ट्ववीट में लिखा- “पहले राहुल ने कहा था की मोदी को सोने नहीं देंगे और अब मायावती कह रही हैं की ये गठबंधन मोदी की नींद उड़ा देगा. मेरी समझ में नहीं आ रहा की ये लोग मोदी को ‘हराना’ चाहते हैं की ‘जगाना’ चाहते हैं.”

फिर कुछ समय बाद उन्होंने एक तीसरी ट्वीट की और लिखा- “इसे कहते हैं संगत का असर की पहली बार अखिलेश यादव भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में लिखा हुआ पढ़ रहे थे.😄

दोनों में से प्रधानमंत्री पद का दावेदार कौन होगा इस सवाल पर मायावती और अखिलेश दोनों ने ना ही कोई तनाव नहीं लिया और ना ही कोई जवाब दिया क्यूंकि दोनों ही जानते हैं की मामला वहां तक पहुंचेगा ही नहीं.

कुल मिलाकर मायावती ने आज समाजवादी पार्टी से गेस्ट हाउस कांड का बदला ले लिया है.

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