Monday, February 17, 2020
Home > India > मुख्यमंत्री रावत के बयान के बाद उत्तराखंड में अलर्ट, संदिग्धों पर पैनी नजर!

मुख्यमंत्री रावत के बयान के बाद उत्तराखंड में अलर्ट, संदिग्धों पर पैनी नजर!

  • सीएए पर मुख्यमंत्री के बयान के बाद हल्द्वानी जैसा धरना टालने के लिए पुलिस ने कसी कमर
  • डीजी कानून व्यवस्था बोले, शांति भंग करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
  • हल्द्वानी के धरने को लेकर जिलाधिकारी, एसएसपी नैनीताल लेंगे फैसला

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में राज्यभर में आंदोलन का सिलसिला जारी है। शहर की मुस्लिम कालोनी में शाहीन बाग की तर्ज पर बेमियादी धरना शुरू करने की योजना पुलिस सक्रियता के चलते विफल हो गई थी।
पुलिस ने पार्क में धरने को लेकर एमडीडीए की अनुमति की शर्त लगाकर आंदोलनकारियों को पैर पीछे खींचने को मजबूर कर दिया था, लेकिन हल्द्वानी में शुरू हुए धरने ने प्रशासन से शासन तक की नींद उड़ा दी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से सीएए को लेकर अशांति फैलाने के लिए राज्य में जामिया यूनिवर्सिटी और कश्मीर के असामाजिक तत्व घुसने के बयान के बाद प्रदेशभर में पुलिस और खुफिया विभाग ने चौकसी बढ़ा दी है। सीएए के विरोध में हल्द्वानी के धरने जैसी पुनर्रावृत्ति न होने की सख्त हिदायत दी गई है। इसी बीच पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने कहा कि राज्य में शांतिभंग की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान के बाद यह मामला और गरमा गया है। खासतौर से प्रदेश के मैदानी जिलों में सतर्कता बरतने को कहा गया है। देहरादून में भी पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय अभिसूचना के अधिकारियों के साथ बैठक कर ताजा हालातों पर चर्चा की।

सूत्रों के अनुसार जिलेभर में 30 के करीब लोगों को चिह्नित किया गया है, जो शांति व्यवस्था भंग करने में बाहरी तत्वों का साथ दे सकते हैं। सीएए के विरोध में आंदोलन को लेकर कई प्रार्थनापत्र अभी अनुमति में फंसे है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *