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आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10% आरक्षण देने वाला बिल लोकसभा में पास, पक्ष में 323 और विरोध में पड़े मात्र 3 वोट..

“लोकसभा में आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 फीसद आरक्षण देने की घोषणा के बाद मंगलवार (8 जनवरी) शाम को इस पर बहस शुरू हुई। रात 9:45 तक संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा होने के बाद रात तकरीबन 10 बजे इस पर वोटिंग कराई गई। विधेयक को 3 के मुकाबले 323 वोटों से पारित कर दिया गया। अब इस विधेयक को राज्‍यसभा में पेश किया जाएगा।

बता दें कि संविधान संशोधन विधेयक होने के कारण विधेयक का सदन में उपस्थित दो तिहाई मतों से पास होना जरूरी है। आर्थिक रूप से कमजोर सर्वणों को नौकरी और शिक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन से जुड़े बिल पर लोकसभा में जोरदार चर्चा हुई। कांग्रेस ने विधेयक को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जल्दबाजी में लाने की कवायद करार दिया और कहा कि इसमें कानूनी त्रुटियां हैं।

Mumbai: Prime Minister Narendra Modi waves during a BJP function, in Mumbai on Tuesday, June 26, 2018. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI6_26_2018_000136A)

चर्चा की शुरूआत करते हुए कांग्रेस सदस्य के वी थामस ने कहा कि कल केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया और 48 घंटे के अंदर इसे सदन में चर्चा के लिये लाया गया। यह महत्वपूर्ण विधेयक है जिसका आर्थिक एवं सामाजिक परिदृश्य पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। इसे जल्दबाजी में पेश करने से अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है। इसे ‘तमाशा’ नहीं बनने देना चाहिए।

वहीं, केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने सामान्य वर्ग के गरीबों को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक लाने के सरकार के कदम का स्वागत करते हुए मंगलवार को कहा कि विधेयक को संविधान की नौवीं अनुसूची में डाला जाना चाहिए ताकि यह न्यायिक समीक्षा के दायरे से बाहर हो जाए।

अरूण जेटली ने सामान्य वर्ग के गरीब लोगों के लिए आरक्षण संबंधी विधेयक को कांग्रेस सहित अन्य दलों से ‘‘बड़े दिल के साथ समर्थन’’ देने की अपील करते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि भाजपा सहित सभी दलों ने अपने घोषणापत्र में इसके लिए वादा कर रखा है। उन्होंने दावा किया कि चूंकि यह आरक्षण संविधान संशोधन के माध्यम से दिया जा रहा है इसलिए यह न्यायिक समीक्षा में सही ठहराया जाएगा।

इससे पहले सांसदों को तीन पेज का यह बिल पढ़ने के लिए दिया गया। बता दें कि सोमवार को मोदी कैबिनेट ने सामान्य वर्ग में आर्थिक रुप से पिछड़े लोगों को 10% आरक्षण देने का फैसला किया है। हालांकि विपक्षी पार्टियों ने सरकार के इस फैसले के समय पर सवाल खड़े किए हैं और इसे \’चुनावी स्टंट\’ करार दिया है।”

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