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पुलवामा हमले के बाद सरकार का एक और बड़ा कदम, हुर्रियत नेताओं की हटाई गई सुरक्षा!

श्रीनगर: पुलवामा आतंकी हमले के बाद बड़ा कदम उठाते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मीरवाइज उमर फारुक समेत पांच अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली है! इसके अलावा मोदी सरकार के आदेशानुसार किसी भी अलगाववादी नेेता के आतंकी और देशद्रोही गतिविधियों में लीप्त पाये जाने पर सख्त करवाई भी की जाएगी.

CRPF काफिले पर हुए हमले के बाद ये कदम उठाया गया है। भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया था कि आतंकियों के साथ उनके मददगारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मीरवाइज उमर फारुक के अलावा अब्दुल गनी बट्ट, हाशिम कुरैशी, बिलाल लोन, शब्बीर शाह हैं। स्पष्ट किया गया है कि इन पांच नेताओं और अन्य अलगाववादियों को किसी भी चीज की आड़ में सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाएगी।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के साथ संदिग्ध तौर पर संपर्क रखने वाले कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को मिली सुरक्षा की समीक्षा की, जिसके बाद ये फैसला किया गया। एक शीर्ष अधिकारी ने बताया था कि केंद्र सरकार ने एक सुझाव दिया था जिसके बाद ऐसे व्यक्तियों को मिली सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी, जिन पर आईएसआई के साथ संबंधों का शक है।

आपको बता दें कि अलगाववादी नेता ही कश्मीरी युवाओं के दिमाग में अलगाववाद का जहर भरते हैं जो उन्हें आतंकवादी बनने को प्रेरित करता है, अलगाववादी नेता ही पाकिस्तान से पैसे लेकर कश्मीरी युवाओं को देते हैं और इसी पैसे से जिहाद, आतंकवाद और पत्थरबाजी होती है, 14 फ़रवरी को ऐसे ही एक आतंकी आदिल अहमद ने मानव बम बनकर 350 ग्राम विस्फोटक के साथ खुद को उड़ा लिया और साथ में 42 जवानों को भी शहीद कर दिया.

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