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बीजेपी की बल्ले-बल्ले: कांग्रेस के गढ जींद में सुरजेवाला का हुआ बुरा हाल..दुसरे नंबर पर भी नही मिली जगह!

जींद हमेशा से कांग्रेस का गढ रहा है, और सुरजेवाला खुद को बहुत बड़ा नेता मान रहा था, दुसरे नंबर पर भी नहीं आ सका! हरियाणा के जींद ने बता दिया है की देश में असल माहौल क्या है, हरियाणा की जींद सीट वो सीट है जहाँ पर बीजेपी 2014 में मोदी लहर में भी नहीं जीती, इस सीट को बीजेपी ने कभी इतिहास में नहीं जीता!

इस सीट पर जाट बहुत ज्यादा है, और इस सीट पर हमेशा से ही कांग्रेस का वर्चस्व रहा है, इस सीट पर पिछली बार हालाँकि INLD का उम्मीदवार जीता था, जो की एक जातिवादी और परिवारवादी पार्टी है और हरियाणा में जाट वोटों की राजनीती करती है!

2014 में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में इस सीट को INLD के डाक्टर हरी चंद मिद्ध ने जीता था, पर 2018 में उनकी हार्ट अटैक से मृत्यु हो गयी, उसी के बाद जींद सीट पर उपचुनाव थे!

कांग्रेस ने इस सीट पर सुरजेवाला को उतारा था, सुरजेवाला खुद को बहुत बड़ा नेता मानता है, बीजेपी ने इस सीट पर कृष्णा मिद्ध को उतारा था, इसके अलावा दिग्विजय सिंह चौटाला नाम का भी एक उम्मीदवार इस सीट पर मजबूत था!

बीजेपी ने इस सीट को जीत लिया है, और दिग्विजय चौटाला दुसरे नंबर पर रहे, जबकि कांग्रेस का बड़ा नेता सुरजेवाला इस सीट पर तीसरे नंबर पर रहा, दुसरे नंबर पर भी नहीं आ सका!

सबसे बड़ी चीज ये है की सुरजेवाला ने यहाँ अपना प्रचार एक जाट नेता के रूप में किया, इसके साथ सुरजेवाला ने जनता से राफेल के मुद्दे पर, मोदी को चोर बताकर वोट माँगा, सुरजेवाला का कहना था की वो जींद में बड़े मार्जिन से जीतेगा और जींद के लोगो की जिंदगी ही बदल देगा!

जनता ने राहुल गाँधी और सुरजेवाला को बता दिया की झूठ कितना भी बोल लो, पर झूठ ज्यादा दिन टिकता नहीं, हाल ये हुआ की सुरजेवाला दुसरे नंबर पर भी नहीं आ सका, जनता ने राहुल गाँधी कांग्रेस और सुरजेवाला के राफेल मुद्दे का बैंड ही बजाकर रख दिया, और सुरजेवाला को एक तरह से जनता ने कांग्रेस के इस पारंपरिक गढ से मार कर भगा दिया

जींद में बीजेपी के जीत ने खट्टर सरकार के विरोधियों पर भी जोरदार तमाचा जड़ा है, जो की कह रहे थे की बीजेपी हरियाणा में अब नहीं जीतेगी, जींद की सीट को बीजेपी ने बड़े अंतर से जीता है, और इतिहास बना दिया

सुरजेवाला वही नेता है जो की कांग्रेस का मीडिया प्रभारी है, ये कांग्रेस के बड़े नेताओं में शामिल है, जबकि बीजेपी का उम्मीदवार कृष्णा मिद्ध लोकल नेता है, साथ ही दिग्विजय चौटाला भी लोकल नेता है!

खुद को राष्ट्रीय नेता मानकर चल रहे रणदीप सिंह सुरजेवाला 1 विधानसभा सीट पर दुसरे नंबर पर भी नहीं आ सका, जनता ने राफेल इनके अन्दर ही घुसा डाला और वोट की चप्पल मारकर इनका मुह सूजा डाला

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