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NDTV पत्रकार Ravish Kumar ने अपने इस्तीफे की अटकलो पर दिया बड़ा बयान, PM मोदी का भी किया जिक्र

नई दिल्ली: एशिया के सबसे अमीर शख्स गौतम अडानी की कंपनी AMNL अपरोक्ष तरीके से NDTV में 29.18% हिस्सेदारी लेगी. खबरों के अनुसार अडानी ग्रुप ने NDTV में हिस्सेदारी लेने के लिए खुला ऑफर पेश करेगा. इस खबर के सामने आने के बाद इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि NDTV के Prime Time एंकर रवीश कुमार (Ravish Kumar) जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं.

इन अटकलों को पर विराम लगाते हुए रवीश कुमार ने कहा है कि, ‘मेरे इस्तीफ़े की बात ठीक उसी तरह अफ़वाह है, जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुझे इंटरव्यू देने के लिए तैयार हो गए हैं.’

बुधवार सुबह रवीश कुमार ने ट्वीट कर लिखा है कि, ‘माननीय जनता, मेरे इस्तीफ़े की बात ठीक उसी तरह अफ़वाह है, जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुझे इंटरव्यू देने के लिए तैयार हो गए हैं और अक्षय कुमार बंबइया आम लेकर गेट पर मेरा इंतज़ार कर रहे हैं. आपका, रवीश कुमार, दुनिया का पहला और सबसे महँगा ज़ीरो टीआरपी ऐंकर.’

NDTV का इस पुरे प्रकरण पर क्या बयान सामने आया है?
नई दिल्ली टेलीविज़न लिमिटेड (NDTV) अथवा इसके संस्थापक-प्रवर्तकों, राधिका एवं प्रणय रॉय, से किसी भी प्रकार की चर्चा के बिना, विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (VCPL) द्वारा उन्हें एक नोटिस दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि उसने (VCPL ने) RRPR होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड (RRPRH) का नियंत्रण हासिल कर लिया है. इस कंपनी के पास NDTV के 29.18 प्रतिशत शेयरों का मालिकाना हक है. RRPRH को अपने सभी इक्विटी शेयरों को VCPL को हस्तांतरित करने के लिए दो दिन का समय दिया गया है.
VCPL ने अपने जिस अधिकार का प्रयोग किया है, वह वर्ष 2009-10 में NDTV के संस्थापकों राधिका और प्रणय रॉय के साथ किए गए उसके कर्ज़ समझौते पर आधारित है.

NDTV के संस्थापक तथा कंपनी यह स्पष्ट करना चाहेंगे कि VCPL द्वारा अधिकारों का यह प्रयोग NDTV के संस्थापकों के किसी इनपुट, बातचीत अथवा सहमति के बिना किया गया है, और NDTV के संस्थापकों को भी NDTV की ही तरह अधिकारों के इस प्रयोग की जानकारी आज ही मिली है. हाल ही में, दरअसल कल ही NDTV ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचना दी थी कि संस्थापकों की शेयरहोल्डिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

NDTV ने अपने मूल काम, यानी अपनी पत्रकारिता से कभी कोई समझौता नहीं किया है. हम आज भी उसी पत्रकारिता के साथ गर्व से खड़े हैं.

सोशल मीडिया पर NDTV की CEO का इंटरनल मैसेज वायरल हो रहा है.