नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को एंटीबायोटिक प्रतिरोध (Antibiotic Resistance) को लेकर गंभीर चिंता जताई और लोगों से अपील की कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन न करें। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में उन्होंने बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार निमोनिया और यूटीआई जैसी कई बीमारियों पर एंटीबायोटिक दवाएं अब पहले जितनी असरदार नहीं रह गई हैं, जो कि बेहद चिंताजनक स्थिति है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका एक प्रमुख कारण लोगों द्वारा इन दवाओं का सोच-समझे बिना और जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एंटीबायोटिक सामान्य दर्द निवारक नहीं हैं जिन्हें अपनी मर्जी से लिया जाए, बल्कि इनका उपयोग केवल चिकित्सकीय सलाह पर ही होना चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा, “आजकल लोग मानने लगे हैं कि एक गोली हर समस्या का समाधान है, लेकिन यही सोच बीमारियों और संक्रमण को और मजबूत बना रही है।” उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे खुद से दवा लेने की आदत से बचें, विशेष रूप से एंटीबायोटिक के मामले में अधिक सावधानी बरतें।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2025 भारत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है और इसने दुनिया को यह संदेश दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता।