Home > राष्ट्रीय > मुनव्वर राणा के फ्रांस हमलों को जायज ठहराने वाले बयान पर भड़के मानक गुप्ता, बोले- “उम्र भर..देश माफ नही करेगा..”

मुनव्वर राणा के फ्रांस हमलों को जायज ठहराने वाले बयान पर भड़के मानक गुप्ता, बोले- “उम्र भर..देश माफ नही करेगा..”

शायर मुनव्वर राणा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर फ्रांस में हुए आतंकी हमले को जायज ठहरा रहे हैं। इस विवादित वीडियो को लेकर उनकी आलोचना भी हो रही है। मुन्नवर राणा के इस विवादित बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स में उनके प्रति खासा गुस्सा देखने को मिल रहा है। लोग कह रहे है कि सिर्फ शायरी में ही प्यार और भाईचारा परोसते है बाकी इनकी मानसिकता कट्टरपंथियों वाली ही है।

मुन्नवर राणा की आलोचना करने वालो में मानक गुप्ता का भी नाम शामिल हो गया है। मानक गुप्ता ने ट्वीट कर लिखा, “उम्र भर ‘सेक्युलर’ बन कर देश का प्यार…वाहवाही लूटते रहे. शेरो-शायरी में बड़ी-बड़ी बातें करके कितना पैसा-इज़्ज़त-शोहरत कमा गए. आख़िरकार अंदर छिपा बैठा कट्टर आतंक-समर्थक बाहर आ ही गया. आपने अपने चाहने वालों और देश के साथ ज़िंदगी भर धोखा किया #MunawwarRana देश माफ़ नहीं करेगा”

आपको बता दें कि शायर मुनव्वर राणा ने फ्रांस में हो रही हिंसक घटनाओं को जायज़ ठहराते हुए कहा था, ‘ किसी भी मजहब के बारे में आप कुछ कहें तो आप तैयार रहिए कि आप मारे जा सकते हैं। नफ़रत फ्रांस ने फैलाई है तो आतंकी तो फ्रांस हुआ न। आतंकी मुसलमान कहाँ से हो गए।’

उन्होंने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘कोई मेरे मां – बाप का ऐसा गंदा कार्टून बना दे तो हम उसे मार देंगे।’ एक और इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘फ़्रांस में गला काटने की घटना पर जो इतना हल्ला हो रहा है कि यह इस्लामी आतंकवाद है और बाकी सब, यह कुछ नहीं है। जिसने कार्टून बनाया उसने गलत किया, जिसने कत्ल किया, वो उसका पागलपन था। यह बात कहना कि यह इस्लामी आतंकवाद है, यह भड़काने जैसा है।’

लेकिन अब इस विवादित बयान पर शायर ने अपनी सफाई पेश की है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी वहां पर हो रही सीरियल किलिंग को सही नहीं ठहराया। उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है। एक टीवी चैनल को अपनी सफाई पेश करते हुए उन्होंने कहा कि फ़्रांस में हो रही हिंसा को कभी भी मैंने जायज़ नहीं कहा था। मुनव्वर राणा ने कहा, ‘मेरी बात का दूसरा मतलब निकाला गया। फ्रांस में जो हुआ वो बुरा हुए। मजहब के नाम पर ये रोजाना हो रहा है। आतंकवाद तो आतंकवाद होता है। इंसान के बिना धर्म का कोई मतलब नहीं हो सकता।’