Home > राष्ट्रीय > अर्नब की रिहाई से नाखुश कुणाल कामरा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया सबसे बड़ा “जोक” अनुराग मुस्कान ने दिया करारा जबाब, बोले- नॉटी कही के..

अर्नब की रिहाई से नाखुश कुणाल कामरा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया सबसे बड़ा “जोक” अनुराग मुस्कान ने दिया करारा जबाब, बोले- नॉटी कही के..

सुप्रीम कोर्ट ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी को 2018 के आत्महत्या मामले में जमानत दे दी है। जमानत आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने इसे मानने के लिए मुंबई पुलिस को निर्देशित किया है। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा– “हम मानते हैं कि जमानत नहीं देने में हाईकोर्ट गलत था।” इसके साथ ही अर्नब गोस्वामी और दो अन्य आरोपितों को 50,000 रुपए के बांड पर अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया। अदालत ने पुलिस आयुक्त को यह निर्देश भी दिए कि उनके आदेश का तुरंत पालन किया जाना चाहिए।

अर्नब की रिहाई पर बहुत लोगो को गहरा सदमा भी पहुचा है। इसी कड़ी में कथित कॉमेडियन कुणाल कामरा सुप्रीम कोर्ट के फैसले से इस कदर बिलबिला गया कि उसने तो जजों के आगे से ‘आदरणीय’ हटाने की ही सिफारिश कर डाली। इतना ही नहीं, उसने जज डीवाई चंद्रचूड़ को फ्लाइट अटेंडेंट बताते हुए कहा कि वो प्रथम श्रेणी के यात्रियों के लिए शैंपेन परोसते हैं।

कुणाल कामरा यही नही रुके और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कई ट्वीट किए। एक ट्वीट में तो उन्होंने हद्द कर दी, कामरा ने सर्वोच्च न्यायालय का मजाक उड़ाया। कुणाल ने अपने इस ट्वीट में लिखा, “इस देश का सर्वोच्च न्यायालय, इस देश का सबसे बड़ा जोक है”

कुणाल कामरा के इस विवादित टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर लोगो ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई। एबीपी न्यूज़ के पत्रकार अनुराग मुस्कान ने भी उन्हें आड़े हॉट लिया और मुहतोड़ जबाब दिया। अनुराग ने जबाब में लिखा, “देश की सर्वोच्च अदालत को चुटकुला बताकर उसकी अवमानना करते हैं और ये भी कहते हैं कि इस देश में अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं है।
नॉटी कहीं के।”

गौरतलब है कि हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने सोमवार (नवंबर 9, 2020) को 2018 की आत्महत्या के मामले में अर्णब की अंतरिम जमानत याचिका खारिज करने के बाद उन्हें सेशन कोर्ट भेज दिया था। वहीं अर्णब के वकीलों ने आज सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिका दायर की। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और इंदिरा बनर्जी की पीठ के समक्ष बुधवार को इसकी सुनवाई हुई। इससे पहले न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और एमएस कार्णिक की पीठ ने अर्णब गोस्वामी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।