Home > राष्ट्रीय > अर्णब की गिरफ्तारी पर किये DNA कार्यक्रम का बामपंथी ने उड़ाया मजाक, सुधीर चौधरी बोले- “नौकरी जहां भी करूँ तुम्हारा मलिक ही रहूंगा..”

अर्णब की गिरफ्तारी पर किये DNA कार्यक्रम का बामपंथी ने उड़ाया मजाक, सुधीर चौधरी बोले- “नौकरी जहां भी करूँ तुम्हारा मलिक ही रहूंगा..”

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी की बुधवार सुबह मुंबई पुलिस की ओर से की गई गिरफ्तारी की सोशल मीडिया पर हर कोई निंदा कर रहा है। जहा एक तरफ लोग इसे बदले की भावना से की गई कारवाई बता रहे है तो एक तबका ऐसा भी है जो महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस के इस कृत्य को सही ठहराने में लगा हुआ है। इनसब के अलावे राष्ट्रवादी नेता से लेकर पत्रकार तक हर कोई अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी को गलत बता रहा है और अर्णब के समर्थन में अपनी आवाज उठा रहे है।

अर्णब की गिरफ्तारी पर कुछ लोग काफी खुश भी हुए है और जो लोग अर्णब के समर्थन में आवाज बुलंद कर रहे है उनका सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाने से भी बाज नही आ रहे है। इन्ही लोगों में से एक है ये महाशय जिनका नाम है अभिषेक बक्सी। इन्होंने ज़ी न्यूज़ के DNA कार्यक्रम का मजाक उड़ाते हुये सुधीर चौधरी पर निशाना साधा।

आपकों बता दे अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी के ऊपर Zee News ने अपने कार्यक्रम DNA में इस पूरे घटनाक्रम पर एक एपिसोड किया था जिसका शिर्षक था “क्या पत्रकारिता छोड़ने का समय आ गया है”। इसी कार्यक्रम का मजाक उड़ाते हुये अभिषेक ने एक ट्वीट किया जिसमें लिखा “जिंदल स्टील में ओपनिंग है सुधीर चौधरी, क्या तुम जॉब ढूंढ रहे हो”

इस पर सुधीर चौधरी ने जबाब दिया और उनके ट्वीट को कोट करके लिखा, “इतना ख़ुश होने की ज़रूरत नहीं है। अभी काफ़ी समय तक तुम्हारे जैसों की छाती पर मूँग दलता रहूँगा।”छाती पर मूँग दलने” का मतलब समझते हो ? नहीं समझते तो हिंदी भाषा की कोई अच्छी किताब पढ़ो। शुभ दीपावली ।”

फिर क्या अभिषेक नाम के इस शख्स को चीड़ मच गई और उसने फिर जबाब में लिखा, “चलो पत्रकारिता नहीं सही, हिन्दी तो अच्छी आती है आपको।
भाषा की पकड़ अच्छी है तो कहीं स्टेनोग्राफर की नौकरी भी कर सकते हो। इतने साल का अनुभव भी है।”

सुधीर चौधरी ने फिर से जबाब दिया और लिखा, “नौकरी जहां भी करूँ तुम्हारा मालिक ही रहूँगा। हमेशा याद रखना मालिक मालिक ही रहेगा और नौकर नौकर रहेगा।इस से ज़्यादा शब्दों की औक़ात नहीं तुम्हारी।”

एक पत्रकार की गिरफ्तारी पर इस तरह से मजाक बनाना कतई उचित नही कहा जा सकता। महाराष्ट्र में क्या अभिव्यक्ति की आजादी है?